डरो नहीं, मैं केवल दुःख नहीं हूँ | दुःख आज खुश है
अगर दुःख आपसे बात करना चाहता, जो एक परिकल्पना है, तो वह आप से क्या कहता?
मैं न देव हूँ, न देवदूत हूँ, फिर भी मेरे सम्यक दर्शन से इंसान सच्ची खुशी की शरण में पहुँच जाता है |
फिर मैं कौन हूँ?
मैं ईश्वर की पुकार हूँ |
मैं जर्गीती का जन्मदाता हूँ |
मैं विश्व में विकास को ऊंचाइयों
तक ले जाने के लिए निमित्त हूँ |
मैं विकास का मंत्र हूँ |
मैं सुख का जुड़वां भाई कहलाया जाता हूँ |
मैं संसार की सर्कस का जोकर हूँ |
मैं पृथ्वी पर आपसे पहले भेजा गया हूँ ताकि मैं आपका स्वागत कर सकूँ |
दुःख आज खुश है क्योंकि वह एक पुस्तक के आइने में आपके सामने बेनकाब होने जा रहा है | इस पुस्तक द्वारा आप मेरे रहस्य जानने वाले हैं | आप यह समझने वाले हैं कि ‘ मैं संदेह नहीं बल्कि मनन संदेश हूँ ‘ |
इस पुस्तक के रचयिता तेजगुरु सरश्री को मैं तहेदिल से धन्यवाद देता हूँ क्योंकि उन्होंने मेरा संपूर्ण दर्शन आपके सामने उजागर किया है | इसे बार-बार पढ़ दुःख-सुख के खेल में निपुण हो जायें ताकि आप खेल-खेल में संपूर्ण खुल, खिल जायें | यही मेरी दवा, दुआ और दावा है |
सदा आप कि सेवा में
आप के विकास का इच्छुक
दुःख ….
5 comments:
आपने बहुत अच्छा लिखा है ।
भावों की अभिव्यक्ति मन को सुकुन पहुंचाती है।
लिखते रहिए लिखने वालों की मंज़िल यही है ।
कविता,गज़ल और शेर के लिए मेरे ब्लोग पर स्वागत है ।
मेरे द्वारा संपादित पत्रिका देखें
www.zindagilive08.blogspot.com
आर्ट के लिए देखें
www.chitrasansar.blogspot.com
आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्लाग जगत में स्वागत है। आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्त करेंगे । हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।
ब्लॉग जगत में स्वागत है
अब, आज 27 नवम्बर के दिन
आईये हम सब मिलकर विलाप करें
मैं संसार की सर्कस का जोकर हूँ |
बढ़िया परिभाषा है दुख की। एक सकारात्मक दृष्टिकोण रखने के लिए बधाई।
bahut khub, narayan narayan
Post a Comment